आवारा हूँ, आवारा हूँ
या गर्दिश में हूँ
आसमान का तारा हूँ
आवारा हूँ ...
घरबार नहीं संसार नहीं
मुझ से किसी को प्यार नहीं
उस पार किसे से मिलने का इकरार नहीं
मुझ से किसी को प्यार नहीं
सुनसान नगर अनजान डगर का प्यारा हूँ
आवारा हूँ ...
आबाद नहीं बरबाद सही
गाता हूँ खुशी के गीत मगर
जख्मों से भरा सीना है मेरा
हसती है मगर ये मस्त नजर
दुनिया, दुनिया मैं तेरे तीर का
या तक़दीर का मारा हूँ
आवारा हूँ ...
गीतकार: शैलेन्द्र
गायक: मुकेश
संगीतकार: शंकर जयकिशन
चित्रपट: आवारा (१९५१)