हम हैं राही प्यार के, हम से कुछ ना बोलिए
जो भी प्यार से मिला, हम उसी के हो लिए ||
दर्द भी हमें कबूल, चैन भी हमें कबूल
हम ने हर तरह के फूल, हार में पिरो लिए ||
धूप थी नसीब में, धूप में लिया हैं दम
चांदनी मिली तो हम, चांदनी में सो लिए ||
दिल पे आसरा किये, हम तो बस यूं ही जिये
एक कदम पे हंस लिए, एक कदम पे रो लिये ||
राह में पड़े हैं हम, कब से आप की कसम
देखिये तो कम से कम, बोलिये ना बोलिये ||
*** ***
चित्रपट: नौ दो ग्याराह (१९५७)
गीत: मजरूह सुलतानपुरी
स्वर: किशोर कुमार
संगीत: सचिन देव बर्मन
*** ***
Nau Do Gyarah, Mahrooh Sultanpuri, Kishore Kumar, Sachin Dev S D Burman
जो भी प्यार से मिला, हम उसी के हो लिए ||
दर्द भी हमें कबूल, चैन भी हमें कबूल
हम ने हर तरह के फूल, हार में पिरो लिए ||
धूप थी नसीब में, धूप में लिया हैं दम
चांदनी मिली तो हम, चांदनी में सो लिए ||
दिल पे आसरा किये, हम तो बस यूं ही जिये
एक कदम पे हंस लिए, एक कदम पे रो लिये ||
राह में पड़े हैं हम, कब से आप की कसम
देखिये तो कम से कम, बोलिये ना बोलिये ||
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चित्रपट: नौ दो ग्याराह (१९५७)
गीत: मजरूह सुलतानपुरी
स्वर: किशोर कुमार
संगीत: सचिन देव बर्मन
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Nau Do Gyarah, Mahrooh Sultanpuri, Kishore Kumar, Sachin Dev S D Burman